सनद-ΣΑΝΑΔ :एक मुलाक़ात - एक शाम डॉ. वंदना मुकेश के नाम
श्री इंदुकांत आंगिरस जी स्वयं बहुभाषाविद्, बहुपठित साहित्यकार हैं। वे साहित्य, कला,और संगीत के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य के विकास के लिए अनेक- अनेक कार्य करते रहते हैं , और भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार करते हैं।। उनका अभिनंदन, आभार और शुभकामनाएँ।
उनके मंच से साक्षात्कार के हए गिरमिटिया साहित्य विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति अग्रवाल का आभार।



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