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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
इंग्लैण्ड से दो रचनाएँ समर्पित 1 प्रेम जब तक तुम/ मेरी बनाई/ लक्ष्मण-रेखा की परिधि से / बाहर रहोगे/ मैं/ तुम्हें/ प्रेम करती रहूँगी। 2 धूप से संवाद सुनो! अब/ तुम्हारी मनमानी नहीं चलने दूँगी मैं कैद कर लूँगी तुम्हें और जब मन चाहेगा/ बेरोकटोक/ अपने हिस्से की धूप लेती रहूँगी।
vandanamsharma2
Mar 81 min read
वैलेंटाईन डे
प्रेम होता है केवल प्रेम। ‘डेट’ नहीं, ‘गिफ्ट’ नहीं ‘डिनर’ नहीं ‘राइट स्वाईप’ भी नहीं प्रेम होता नहीं सदैव मुखर अपेक्षाओं से परे, प्रेम होता है मौन, त्याग, समर्पण, मित्रता प्रेम होता है केवल प्रेम 14.2.2026
vandanamsharma2
Feb 171 min read


'कहानी जानी अनजानी' पर सरोजरानियाँ
15 मार्च 2022 को टीम कहानी अनजानी हिंदी स्टोरी पॉ़डकास्ट से देवांशी बत्रा की ईमेल आती है कि उन्होंने मेरी कहानी...
vandanamsharma2
Aug 18, 20251 min read
पुल
उस पीढ़ी से इस पीढ़ी तक कई पुल बनने हैं। कुछ कदम तुम चलो, कुछ मैं। याद रखना, बनाओ जब पुल तो इनमें सरकारी सीमेंट न हो, दीवारों में सेंध...
vandanamsharma2
Mar 10, 20251 min read
वे
वे प्रतीक्षा कर रहे हैं , दरवाजे पर एक खटखट की, पास आती पदचापों की—
अपने दूर जा चुके बच्चों, किसी रिश्तेदार की, किसी परिचित,
या फि,र...
vandanamsharma2
Mar 7, 20251 min read
केल्या शिवाय होत नाहीं
कुछ तो लिखना है । चलिए, लिखती हूँ कुछ- एक बड़ा घर है । बहुत सारे लोग रहते हैं । अपनी- अपनी पसंद के काम करते हैं । किसी को कोई रोकटोक नहीं...
vandanamsharma2
Feb 20, 20251 min read
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